बिहार में सियासी हलचल ले सकता है बड़ा आकार जब तक रहेगी नीतीश की सरकार:- बाबा-भागलपुर

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भागलपुर, बिहार। बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू का इस वर्ष बेहद ही खराब प्रदर्शन रहा है। उसके बावजूद कूटनीति के तहत नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के पद पर आसीन हो गये। इस सम्बन्ध में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त ज्योतिष योग्य शोध केन्द्र, बिहार के संस्थापक दैवज्ञ पंo आरo केo चौंधरी उर्फ बाबा-भागलपुर की भविष्यवाणी जो जून 2018 से 06 अगस्त 2018 तक कई हिन्दी दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई थी, जिसका शीर्षक:- नीतीश कुमार को करना पड़ेगा संघर्ष का सामना! यह भविष्यवाणी शत-प्रतिशत तो सही साबित नहीं हुई लेकिन बहुत हद तक सही साबित हो रही है।

क्योंकि नीतीश कुमार को बिहार में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और राजनैतिक पराजय भी हुई उसके बावजूद कूटनीति व भाजपा की सियासी चाल के बजह से बिहार के मुख्यमंत्री के पद पर विराजित तो हो गये हैं लेकिन कार्यकाल पूर्ण करना आसान नहीं प्रतीत नहीं हो रहा है। शपथ-ग्रहण के बाद से ही संकट की घड़ी की शुरुआत हो गई है। बाबा-भागलपुर की भविष्यवाणी के मद्देनजर नीतीश कुमार को करना पड़ रहा है संघर्ष का सामना।

फलस्वरूप बिहार के शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी ने पद से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने 19 नवम्बर 2020 (गुरुवार) को ही अपना कार्यभार संभाला था तथा उसी दिन कुछ घण्टों बाद त्याग-पत्र दे दिया। बाबा-भागलपुर से सम्पर्क स्थापित करने पर उन्होंने ज्योतिषीय दृष्टि कोण से बतलाया कि बिहार प्रदेश की मिथुन राशि और माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मिथुन लग्न राहु-केतु व शनि के प्रतिकूल प्रभाव में हैं। इसलिए बिहार में सियासी हलचल ले सकता है बड़ा आकार।

इस सन्दर्भ में बाबा-भागलपुर ने नीतीश कुमार के शपथ-ग्रहण के मुहूर्तानुसार भविष्यवाणी की जो कई हिन्दी दैनिक समाचार पत्रों प्रकाशित हुई। आईये जानते हैं यह भविष्यवाणी! नीतीश सरकार का शपथ-ग्रहण के समय आकाश मंडल में ग्रहों की स्थिति के अवलोकनोपरान्त ज्ञात हो रहा है कि मेष लग्न, वृश्चिक के चन्द्र व वृश्चिक नवांश।

मेष लग्न में प्रबल कारक ग्रह सूर्य अष्टम स्थान में अवस्थित होकर राहु-केतु से पीड़ित है तथा सप्तम स्थान में बुध विराजित है और सप्तमेश शुक्र रिपु भाव में अवस्थित है। इन दो ग्रहों पर मंगल ग्रह की पूर्ण दृष्टि है जो द्वादश भाव मे विराजित है। सातवाँ घर साझेदारी का होता है और इससे ही ज्ञात हो रहा है कि एनडीए गठबंधन यथा भाजपा, जदयू, हम और वीआईपी पार्टियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और ग्रहों की स्थिति चौकड़ी पर पृथक भूमिका निभाएगा और ये शीघ्र दरार बनकर टूट सकता है।

अष्टम स्थान में तीन ग्रहों की युति अत्यंत प्रतिकूल है। इसलिए बिहार की नवनिर्मित नीतीश सरकार की आयु को ज्योतिषीय भाषा में अल्पायु कह सकते हैं। द्वितीयेश शुक्र-मंगल से व पंचमेश सूर्य-राहु से पीड़ित है। यह स्थिति नीतीश सरकार से गलत निर्णय होने की ओर इशारा कर रहा है। सरकार के लिए विस्फोटक स्थिति को दर्शाता है तथा जनता के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है और सरकार अपने किये वादों को पूरा नहीं कर पाएगी।

अतः आकाश मंडल में ग्रहों की स्थिति व गोचर तथा नीतीश सरकार की शपथ-ग्रहण समारोह की कुण्डली के अवलोकनोपरान्त ज्ञात हो रहा है कि नीतीश सरकार को असाधारण, आकस्मिक व आश्चर्यजनक परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है तथा निकट भविष्य में भ्राम से गिर सकती है सरकार तथा भाजपा की रणनीति ने तोड़ी नीतीश-सुशील की जोड़ी फिर भी मंसूबे पर फिर सकती है पानी।

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