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आज़ादी की दुल्हन को जो सबसे पहले चूमने वाले महान क्रांतिकारी का नाम है सुभाष बाबू- सुमीत श्रीवास्तव

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पटना, 23-जनवरी-2021: शिवाक्ष यूथ क्लब (पंजी.) द्वारा नेता जी सुभाष चंद्र बोस की 124 वीं जयंती मनाई गई। उक्त अवसर पर शिवाक्ष यूथ क्लब के सदस्यों के द्वारा नेता जी सुभाष चंद्र बोस के तैल्यचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया गया।

कार्यक्रम में अतिथि के तौर पर मौजूद भारतीय जनता पार्टी क्रीड़ा प्रकोष्ठ के प्रवक्ता सुमीत श्रीवास्तव ने कहा कि इस देश की स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई में सुभाष बाबू के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। भारत माता की आजादी के लिए नेता जी सुभाष चंद्र बोस ने अंग्रेजों से लोहा लेने के लिए आज़ाद हिंद फौज का घटना कर लिया था।

आज़ादी की दुल्हन को जो सबसे पहले चूमने वाले महान क्रांतिकारी का नाम है सुभाष बाबू। उन्होंने ने देश की आजादी के लिए सातों समंदर का सफर तय कर लिया पर नियति को कुछ और हीं मंजूर थी जिसने हमसबों से सुभाष बाबू को छीन लिया।

आज सुभाष बाबू के द्वारा देश की आज़ादी में दिए महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए उनकी जयंती को “पराक्रम दिवस” के रूप में मनाने का निर्णय प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार ने लिया है बहुत सराहनीय है। आजादी की लड़ाई के महायज्ञ में आहुति देने वाले महानायक सुभाष बाबू के जयंती को पराक्रम दिवस के तौर पर मनाना उनकी आन और शान जगाने का काम करना है।

मैं इस पहल हेतु आदरणीय प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद देना चाहूंगा कि उन्होंने इस देश में सुभाष बाबू की जयंती को पराक्रम दिवस के तौर पर मनाने का निर्णय लेकर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि देने का काम किया है। इस अवसर पर शिवाक्ष यूथ क्लब के सचिव आशीष कर्ण, संयुक्त सचिव रोहित जीवन चंद्रवंशी, कोषाध्यक्ष ऋतुराज कुमार, मीडिया प्रभारी ऋतुराज कुमार, प्रसून गौरव, यशराज सिंह, रितेश पाठक, राजेश कुमार, गौरी शंकर आदि लोग मौजूद थें।

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