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भारतीय मूल की अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला देवी हैरिस के निकट भविष्य में राष्ट्रपति पद विराजित होने के आसार:- बाबा-भागलपुर

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भागलपुर, बिहार। अमेरिका के उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेकर कमला देवी हैरिस ने इतिहास रच दिया। उन्होंने 20 जनवरी 2021 को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ उपराष्ट्रपति पद का शपथ लिया। वे भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक हैं। कमला हैरिस की माँ 1960 में तमिलनाडु से अमेरिका आई थी।

हैरिस अमेरिका की पहली महिला, पहली अश्वेत और पहली एशियन अमेरिकी मूल की उपराष्ट्र्रपति हैं। कमला देवी हैरिस के उपराष्ट्रपति पद पर विराजमान होने को दुनिया भर में लैंगिक विभेदीकरण और नस्लभेद के खिलाफ लड़ाई में एक उल्लेखनीय उपलब्धि के तहत देखा जा रहा है।

साथ ही जीत पर दावेदारी के लिए मिले जनसमर्थन से समाज की मानसिकता और प्रगतिशील मूल्यों की बात स्वत: स्पष्ट हो जाती है। क्या कमला देवी हैरिस निकट भविष्य में राष्ट्रपति पद पर विराजित हो सकती है? इस सम्बन्ध में अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त ज्योतिष योग शोध केन्द्र, बिहार के संस्थापक दैवज्ञ पं. आर. के. चौधरी उर्फ बाबा-भागलपुर, भविष्यवेत्ता एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ ने सुगमतापूर्वक बतलाया कि:- कमला देवी हैरिस का जन्म:- 20 अक्टूबर 1964 को रात्रि में 9 बजकर 28 मिनट पर कैलीफोर्निया ओकलैंड में हुआ था।

उपलब्ध जन्म विवरणी के अनुसार अवलोकनोपरान्त ज्ञात हो रहा है कि मिथुन लग्न, मेष राशि व शुक्र के नवांश तुला तथा अश्विनी नक्षत्र के द्वितीयचरण। इनकी लग्न और नवांश बहुत मजबूत और प्रबल राजयोगों से लबालब है।

द्वितीयेश चन्द्र और लाभेश मंगल का आपस में परिवर्तन तथा पंचम भाव में सूर्य-बुध की युति और चन्द्र से परस्पर दृष्टि सम्बन्ध के फलस्वरूप कई राजयोगों का सृजन कर रहा है। इनकी कुंडली में राहु उत्तम स्थिति में है। राहु राजनीति में बड़े पद पर सुशोभित करता है। इतना ही नहीं पंचमेश शुक्र और नवमेश शनि की परस्पर दृष्टि सम्बन्ध भी प्रबल राजयोग का निर्माण कर रहा है।

विंशोतरी दशा के क्रम में राहु की महादशा में बुध की अन्तर्दशा 02 जुलाई 2020 से 21जनवरी 2023 तक है। इस दशा में कमला देवी हैरिस अमेरिका के उपराष्ट्रपति पद विराजमान हुई है तथा निकट भविष्य में ग्रहों की स्थिति, गोचर और दशा के विशेषानुसार राष्ट्रपति पद पर विराजित हो सकती हैं।

हम निर्द्वन्द साधक कार्य एवं कर्तव्य के तहत अपना अभ्यास व प्रयास करते रहते हैं लेकिन उसकी भी एक सीमा है और जो उस सीमा से आगे की बागडोर संभालता है उसी का नाम ईश्वर है।

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