बिहार के स्कूलों में अश्लील फोटो और पोर्न वीडियो पर लगी पाबंदी, लड़कियों की सुरक्षा के लिए सरकार ने दिए ये निर्देश

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Patna: बिहार में लड़कियों के साथ छेड़खानी और महिलाओं के साथ उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने बड़े पदाधिकारियों को कई निर्देश दिए हैं. बिहार शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक जिला पदाधिकारी को परिवाद गठित करने का आदेश दिया गया है. इसके अलावा सरकार ने सभी डीपीओ को यौन उत्पीड़न संबंधित मामले पर कार्रवाई के लिए शिकायत समिति गठित करने का आदेश दिया है.

बिहार के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छात्राओं की मर्यादा बनाये रखने के लिए सरकार की एक स्पष्ट नीतिमूलन परिपत्र जारी करने का आदेश दिया गया है. ताकि अमर्यादित आचरण और छेड़खानी की घटनाओं से महिलाओं और छात्रों को बचाया जा सके. इसके साथ ही डीएम को यह निर्देश दिया गया है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी, सामाजिक सुरक्षा और महिला हेल्पलाईन के पदाधिकारी के सहयोग से सभी सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में कार्यशाला का आयोजन किया जाये.

इसके अलावा स्कूलों के प्रधानाध्यापक के द्वारा क्लास 6 और इससे ऊपर की कक्षाओं में पढ़ रही छात्रों के लिए स्कूल में छात्रा-क्लब का गठन करने का आदेश दिया गया है. इस छात्रा-क्लब का मेंटर किसी महिला शिक्षिका को बनाने का आदेश दिया गया है. इस क्लब के माध्यम से छात्राओं को गुड-टच और बैड-टच की जानकारी दी जाये और उन्हें संवेदनशील बनाया जाये.

सरकार ने स्कूल कैंपस में अश्लील फोटो के प्रदर्शन और मोबाइल या इंटरनेट के माध्यम से अश्लील फिल्मों के अवलोकन पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगाने का निर्देश दिया है. स्कूल में शारीरिक संपर्क या छेड़छाड़, लैंगिक आधार गईं फब्तियां, यौन संपर्क के लिए मांग या दबाव या इस प्रकार की कोई भी शिकायत जो छात्रिओं के मर्यादा से संबंधित हो तो उसके आधार पर प्रिंसिपल द्वारा स्कूल में पोस्टेड 2 महिला शिक्षिकाओं का एक जांच दल गठित क्र शिकायत प्राप्ति के 10 दिन के भीतर जांच कराकर उस मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की जाये.

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